अंधेरे मे कब तक कटेगी रात, बिजली कर्मी बैठे धरने पर
गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विद्युत अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन बुधवार को भी कार्य बहिष्कार कर आस्तीन चढ़ाए रहे। इस अवसर पर लाल दरवाजा स्थित परिसर में आयोजित सभा में जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि तानाशाह चेयरमैन को तत्काल पद से हटाया जाए, तभी प्रदेश के सभी विद्युत कर्मी स्वच्छ वातावरण में एवं भयमुक्त होकर अपने कार्य को संपादित करेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी बिजली कर्मियों, निविदा एवं संविदा कर्मियों को पिछले कई वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाए। सभी रेग्युलर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाए। सह संयोजक मिथिलेश यादव ने कहा कि तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली, उड़ीसा सरकार के आदेश की तरह ऊर्जा निगमों के सभी संविदा, निविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
सहायक अभियंता मिठाई लाल ने कहा कि इस चेयरमैन के रहते शुद्ध वातावरण में कोई भी अधिकारी कार्य करने को तैयार नहीं है। हड़ताल में अधीक्षण अभियंता मोहन राकेश, अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह, चंद्रपाल सिंह, मनीष कुमार, आशीष चौहान, सहायक अभियंता सत्यम त्रिपाठी, अभिषेक राय, आदि विद्युत कर्मी मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय सिंह एवं संचालन जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने किया।
फाल्ट से शहर और गांवों में उत्पन्न हुई बिजली समस्या
गाजीपुर। बिजली कर्मियों के कार्य से विरत होने के कारण दूसरे दिन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली फाल्ट होने से समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों गांवों के करीब पांच से छह हजार लोगों का जन जीवन प्रभावित रहा।
प्रकाश नगर उपकेंद्र से छावनी लाइन, सरैया, लंका इलाके में बुधवार सुबह दस बजे बिजली फाल्ट होने से आपूर्ति नहीं हो रही। जिसको देर शाम तक भी दुरुस्त नहीं किया गया। ऐसे ही जंगीपुर में फाल्ट होने पर स्थानीय मार्केट समेत आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को लेकर समस्या पैदा हुई। जिसका समाधान नहीं हो सका।
दिलदारनगर के चित्रकोला पावर हाउस से भी बिजली आपूर्ति की समस्या पैदा हुई। यहां भी फाल्ट होने से कई गांवों में करीब दो हजार लोगों के घरों में बिजली नहीं पहुंच सकी। नंदगंज और महाराजगंज के कुछ इलाकों में भी बिजली सप्लाई को लेकर समस्या उत्पन्न हुई। इसका भी समाधान देर शाम तक नहीं हुआ।
जनपद में कुल 69 बिजली घर हैं। जहां एहतियात प्रशासन की ओर से तोड़-फोड़ से बचाव और समस्या समाधान को लेकर राजस्व समेत अन्य विभाग के अधिकारियों की तैनाती होनी थी। लेकिन अभी प्रशासन बिजला कर्मियों को मनाने में लगा है और उनको काम पर लौट जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिससे अभी उन केंद्रों पर कोई व्यवस्था नहीं हुई है।


