फैशन कढ़ाई एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कोवे इंडिया-यूपी (COWE INDIA-UP) सिडबी के सहयोग से 100 महिलाओं को देगा प्रशिक्षण
नोएडा। कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्राइज (COWE INDIA-UP) ने महिलाओं के लिए फैशन कढ़ाई एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बृहस्पतिवार से अगले 30 दिनों तक आईएमएस-डीआईए के फैकल्टी 100 संसाधनहीन महिलाओं को उद्यमशीलता एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में आईएमएस-डीआईए नॉलेज पार्टनर के तौर पर कोवे इंडिया-यूपी की सहायता करेगा।

वहीं सेक्टर 62 स्थित आईएमएस-डीआईए परिसर में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान परिसर में आयोजित आज के कार्यक्रम के दौरान बतौर अतिथि सिडबी के जीएम मनीष सिन्हा, कोवे इंडिया-यूपी की अध्यक्ष मीतू पुरी के साथ आईएमएस-डीआईए की चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर शिल्पी गुप्ता ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मीतू पुरी ने कहा कि महिलाओं को उनकी क्षमता से रूबरू कराने के लिए हम 30 दिवसीय महिला उद्यमशीलता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि हम एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ महिलाएं आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिलाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने और स्वतंत्रता के साथ अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। कोवे इंडिया-यूपी की उपाध्यक्ष रिया रहेजा ने 100 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। वहीं सचिव शिखा घई ने महिलाओं को सशक्त करने की पहल करते हुए कहा कि आज हम 100 महिलाओं के साथ कार्यक्रम कर रहे हैं भविष्य में इनकी संख्या 300 भी हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान, सिडबी के जीएम मनीष सिन्हा ने कहा कि सशक्त महिला के के बिना सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। आपको अपनी पूर्णता के लिए अपनी स्वावलंबन, क्षमता और योग्यता को पहचानने की जरूरत है। आप अपने सपने को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि कारीगरी के माध्यम से महिलाओं को नई कौशल और उद्यमिता का अवसर प्राप्त होगा, जिससे वे अपने आत्मविश्वास को मजबूत करके समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आपको सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने के लिए ही आयोजित किया गया है।
सेक्टर 62 स्थित आईएमएस-डीआईए परिसर में आयोजित कारीगरी के दौरान संस्थान की सीएमडी शिल्पी गुप्ता ने कहा कि देश की प्रत्येक महिला में आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की क्षमता है। आप सभी अपने-अपने हुनर को पहचाने, प्रत्येक महिला अपनी अनूठी पहचान और हुनर से सशक्त होती है। आपको यह जानने की जरूरत है कि आप कितनी सामर्थ्यवान है। आपकी कौशल एवं रुचियां क्या हैं। हम स्वयं पर विश्वास कर अपनी क्षमता को पहचान सकते हैं साथ ही अपने स्वप्नों को भी पूरा करने में सफल हो सकते हैं।


