सोनवल नई रेल लाइन के दूसरे चरण में किया गया लोड टेस्टिंग
गाजीपुर-सोनवल नई रेल लाइन के दूसरे चरण में सोनवल से घाट तक जाने वाली रेल लाइन पर मंगलवार को लोड टेस्टिंग किया गई। सात किमी लंबी रेल लाइन पर पहली बार गिट्टी लदी पांच रैक की मालगाड़ी को 75 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तीन बार दौड़ाया गया। इस दौरान लोडेड मालगाड़ी का रेल सह सडक पुल पर कई जगहों पर पावर ब्रेक की भी टेस्टिंग की गई जो सफल रही। अब इस रुट पर इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल होगा जिसके बाद सीआरएस निरीक्षण करेंगे। सीआरएस की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद इस रुट पर भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। सोनवल से गाजीपुर घाट जाने वाली सात किमी नई रेल लाइन का छह मार्च को मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) निरीक्षण करेंगे। इससे पहले रेल लाइन पर डीजल लोको ट्रायल के बाद लोड टेस्टिंग का ट्रायल किया जा रहा है। इसी क्रम में ट्रायल बेस के आधार पर पहली बार गिट्टी लदी पांच रैक की मालगाड़ी 75 किमी की रफ्तार से सोनवल नये स्टेशन से होते हुए गाजीपुर घाट तक तीन बार दौड़ी। इस दौरान लोडेड मालगाड़ी का रेल सह सडक पुल पर कई जगहों पर पावर ब्रेक की टेस्टिंग कर पुल की मजबूती भी परखी गई, जो पूरी तरह से सफल रहा। जिसके बाद रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सुकुन महसूस किया। यह ट्रायल कई दिनों तक चलेगा। इसके उपरांत नई लाइन पर इलेक्ट्रिक लोको टायल की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इन सभी ट्रायलों के सफल होने के बाद छह मार्च को रेल संरक्षा आयुक्त इस नई रेल लाइन का निरीक्षण करेंगे। इस पर ट्रेन संचालन शुरू करने की अपनी मुहर लगाएंगे। पीडब्लूआई निशांत कुमार सिंह ने बताया कि सीआरएस के निरीक्षण से पहले नये रेल रूट व रेल पुल की सफल लोड टेस्टिंग की गई है।


