नामांकन पत्र में अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाना प्रधान को महंगा पड़ गया
गाजीपुर कासिमाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत मुहम्मदपुर टड़वा के ग्राम प्रधान को इस पद के चुनाव के दौरान नामांकन पत्र में अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाना महंगा पड़ गया। जिलाधिकारी ने सूर्यनाथ चौहान को ग्राम प्रधान पद से बर्खास्त कर दिया है। ग्राम प्रधान पद मुहम्मदपुर टड़वा को रिक्त घोषित कर दिया गया है।ग्राम पंचायत मुहम्मदपुर टड़वा के मूल निवासी और पिछले चुनाव में प्रधान पद पर द्वितीय स्थान पर रहे शेषनाथ चौहान ने ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रधान सूर्यनाथ चौहान के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की थी। आरोप था कि सूर्यनाथ चौहान को अपर सत्र न्यायाधीश गाजीपुर द्वारा 4 फरवरी 2012 को दोष सिद्ध मानते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार का अर्थ दंड से दंडित किया गया है।दोष सिद्ध सजा के विरुद्ध सूर्यनाथ चौहान उच्च न्यायालय की शरण में गए। उच्च न्यायालय ने 7 मई 2012 को जमानत दी लेकिन सजा की अवधि को स्थगन का आदेश नहीं दिया। इधर, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने नामांकन के दौरान अपने आपराधिक पृष्ठभूमि को छिपा लिया और प्रधान पद पर निर्वाचित भी हो गए। इस शिकायत की जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जांच कराई।जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र के मुताबिक ग्राम प्रधान मुहम्मदपुर टंडवा सूर्यनाथ चौहान न्यायालय के आदेशों को छुपा कर नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। यही नहीं शिकायतकर्ता शेषनाथ चौहान के शिकायत करनेे के बाद भी न्यायालय द्वारा दी गई सजा से अवगत नहीं कराए, जो पंचायती राज अधिनियम के विरुद्ध है। इसलिए सूर्यनाथ चौहान को पद से हटाते हुए ग्राम प्रधान पद ग्राम पंचायत मुहम्मदपुर टंडवा का रिक्त घोषित किया जाता है।


