RTX के प्रैट एंड व्हिटनी ने इंडिया डिजिटल कैपेबिलिटी सेंटर के उद्घाटन के साथ भारत में किया अपने परिचालन का विस्तार

RTX के प्रैट एंड व्हिटनी ने इंडिया डिजिटल कैपेबिलिटी सेंटर के उद्घाटन के साथ भारत में किया अपने परिचालन का विस्तार

बेंगलुरु – RTX (NYSE: RTX) की कंपनी, प्रैट एंड व्हिटनी ने बेंगलुरु में अपने नए इंडिया डिजिटल केपेबिलिटी सेंटर (IDCC) की स्थापना की घोषणा की। यह नया केंद्र इनोवेशन को रफ्तार देगा, साथ ही दुनिया भर में प्रैट एंड व्हिटनी के लिए डिजिटल और व्यावसायिक बदलाव को गति प्रदान करेगा। 
 
यह निर्माण इकाई प्रैट एंड व्हिटनी के इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन ऑपरेशन सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के साथ स्थापित किया गया है। यह लोकेशन कोलिन्स एयरोस्पेस और RTX एंटरप्राइज सर्विसेज सहित भारत में अन्य RTX व्यवसायों के साथ निकट सहयोग में भी मदद करेगा।  
 
प्रैट एंड व्हिटनी के वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल चीफ इन्फॉर्मेशन ऑफीसर राहुल धरनी ने कहा, "बेंगलुरु में डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रैट एंड व्हिटनी के इस विस्तार से हमें भारत की विमानन और तकनीकी प्रतिभा का अधिक से अधिक लाभ उठाने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी हमारी कोशिशों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।"   

प्रैट एंड व्हिटनी ने IDCC के लिए अपने कर्मचारियों की पहली किश्त की भर्ती शुरू कर दी है और उम्मीद है कि 2027 तक कर्मचारियों की संख्या 300 से अधिक हो जाएगी। यह केंद्र प्रैट एंड व्हिटनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में विभिन्न डिजिटल तकनीकी क्षमताएं प्रदान करने पर फोकस करेगा।  

अश्मिता सेठी, प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड, प्रैट एंड व्हिटनी, इंडिया (UTCIPL) ने कहा, “पिछले दो वर्षों में इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन ऑपरेशन सेंटर्स में पहले ही हम 40 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुके हैं। इसके साथ ही, प्रैट एंड व्हिटनी IDCC में करोड़ों डॉलर के निवेश के साथ भारत के एयरोस्पेस ईकोसिस्टम में अपनी उपस्थिति और योगदान को और बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।”  

देश में प्रैट एंड व्हिटनी के अन्य निवेशों की बात करें तो हैदराबाद में एक अत्याधुनिक इंडिया कस्टमर ट्रेनिंग सेंटर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु के साथ इसका रिसर्च एंड डेवलपमेंट सहयोग शामिल है। प्रैट एंड व्हिटनी ने पिछले 10 वर्षों में भारत में अग्रणी एयरोस्पेस सप्लायर्स से लगभग 55 मिलियन डॉलर की खरीद की है और पिछले दो दशकों में भारत की इंजीनियरिंग सर्विसेस से 500 मिलियन डॉलर से अधिक की खरीद की है।