उ. भारत में पितृपक्ष के अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा 17 दिवसीय ऑनलाइन नामजप सत्संग सम्पन्न
दिल्ली।PNI News। पितृपक्ष में अनेक लोग अपने पितृऋण से मुक्त होने हेतु श्राद्ध विधि करते है। परन्तु श्राद्ध क्यों करना चाहिए ? उसका महत्त्व क्या है ? श्राद्ध करना वैज्ञानिक कैसे है, यह जानकारी दी गई इसके साथ ही 20 सितम्बर से 6 अक्टूबर इन 17 दिनों की अवधि में, पितरों की गति हेतु सामूहिक नामजप का आयोजन हिन्दू जनजागृति समिति के द्वारा किया गया। प्रतिदिन सुबह 7 से 7:30, इस समय में चल रहे इस कार्यक्रम को जिज्ञासुओं का उत्स्फूर्त सहभाग प्राप्त हुआ । अब तक दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के लगभग 1680 जिज्ञासू और साधकों ने लाभ लिया । पितृपक्ष के उपरान्त नवरात्रि के अवसर पर भी इसी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।
नामजप सत्संग में जुडने वाले श्रद्धालुओं में से कुछ ने अपने अभिप्राय इस प्रकार दिए -
पूनम टंडन ने बताया कि हमारा धर्म इतना विस्तृत है और इतने ग्रंथ है कि सब तो पढ़ना संभव नहीं है । लेकिन हिंदू जनजागृति समिति की ओर से जो शोध करके जो कुछ भी हमारे सामने लाया जा रहा है, उसके लिए मैं समिति के प्रेरणास्रोत परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी आभार व्यक्त करती हूं । सुबह के नामजप सत्संग में जो जानकारी मिल रही है, वह मैंने कभी नहीं सुनी थी । नामजप सत्संग में जुडने से मुझे अंदर से बहुत अच्छा लग रहा है और यह लग रहा है कि सच में हमारे पूर्वजों को इससे गति मिलेगी । और सब लोग जो एक साथ मंत्र जप करते हैं, इसका भी मैंने सुना है कि बहुत अलग सा प्रभाव पड़ता है । मैं आप सभी का धन्यवाद करती हूं ।
विद्या पाटिल ने कहा इस नामजप सत्संग से बहुत आनंद आया। अतीत में गणेशजी के साथ मेरा एक सुंदर आध्यात्मिक अनुभव रहा है। एक प्रकाश और अत्यधिक सुख और आनंद का अनुभव किया है। खुशी और सकारात्मकता महसूस हुई। कार्यक्रम में दी गई जानकारी बहुत अच्छी थी।


