बी के शर्मा हनुमान ने सिद्ध पीठ देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन की मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना
गाजियाबाद। दिल्ली गेट देवी मंदिर विश्व ब्रह्मर्षि ब्राह्मण महासभा के संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मर्षि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने नवरात्र में चौथे दिन भगवती के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा का दर्शन- पूजन व उपासना की और मां भगवती का आशीर्वाद लिया, आठ भुजाएं होने के कारण मां अष्टभुजा कहलाईं। इनके सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में समस्त सिद्धियां व निधियां देने वाली जप माला है। इन्हें कुम्हड़े की बलि प्रिय है।

संस्कृत में कुम्हड़े को कूष्मांड कहते हैं। इसलिए देवी कूष्मांडा कहलाईं। मान्यता है कि. इसी आदि शक्ति के द्वारा संपूर्ण ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई। मां दुर्गा का यही अजन्मा और आद्यशक्ति रूप है। मां कूष्मांडा का निवास सूर्य लोक में है। इनके स्वरूप की कांति और तेज मंडल भी सूर्य के समान अतुलनीय है।
देवी मंदिर के महंत गिरीशानंद गिरि द्वारा ब्रह्मर्षि विभूति बीके शर्मा हनुमान, एमएलसी दिनेश गोयल अपर जिला अधिकारी नगर विपिन कुमार, चीफ वार्डन ललित जायसवाल, महंत विजय गिरी सहित अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित थे माता रानी का प्रसाद भेंट दे कर आशीर्वाद दिया


