जनजातियों से ही तीरंदाजी का इतिहास रहा है- पुर्व चेयरमैन अरुण सिंह

जनजातियों से ही तीरंदाजी का इतिहास रहा है-  पुर्व चेयरमैन अरुण सिंह

गाजीपुर जमानिया हतिमपुर गांव में द्रोणा तीरंदाज़ी के सौजन्य से जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि

तीरंदाजी प्रतियोगिता गांव, शहर नहीं बल्कि वनों से निकलकर आई, जनजातियों से ही तीरंदाजों का इतिहास रहा है। रामायण की चौपाई के माध्यम से बताया गया है कि भगवान श्रीराम का जिक्र पूरी रामायण में बिना धनुष के नहीं हुआ है। इस तहर की प्रतियोगिताएं आयोजित होना शहर के लिये गौरव की बात है।

तीरंदाजी में भारत दुनिया के टॉप-5 देशों में शामिल हैं। देश में प्रतिभा की कमी नहीं हैं, आज जरूरत उनको प्रोत्साहन की है और संसाधन उपलब्ध कराने की हैं इस अवसर पर श्री सिंह ने बच्चो का हौसला बढ़ाया और कहा कि मेरा प्रयास होगा जनपद का कोई भी युवा वह किसी भी समाज से हो हमें सिर्फ उसके उज्जवल भविष्य के लिए आगे रहने का प्रयत्न करना है

आज जिस प्रकार जातिगत राजनीति की नींव पड़ चुकी है उससे कहीं न कहीं युवाओं का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है आज जरूरत है कि हम सब एक होकर स्वार्थ की राजनीति को छोड़ते हुए युवाओं के भविष्य के लिए हर संभव मदद करने के लिए आगे आए ।प्रतियोगिता के आयोजकर्ता नंदु दूबे (जिला सचिव तीरंदाजी संघ) और उनकी पूरी टीम ने इस कार्यक्रम में आए हुए सभी आगंतुकों का बहुत बहुत आभार और धन्यवाद प्रकट किया। इस दौरान कूदन सिंह, सत्यप्रकाश बिंद प्रधान, शंभू बिंद , बब्बन बिंद, रामनियादी कुशवाहा प्रधान ओमकार सिंह, पप्पू सिंह, राजेंद्र गिरी, अरविंद सिंह, गिरधारी यादव, संतोष वर्मा, बृजेश जयसवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और खेल प्रेमी मौजूद रहे।