उत्तर भारत के 18 संगठनों के नेताओं ने 13 फरवरी के दिल्ली आंदोलन पर चंडीगड़ में की विशेष चर्चा

पंजाब और हरियाणा के प्रमुख बुद्धिजीवियों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और उत्तर भारत के 18 संगठनों के नेताओं ने 13 फरवरी के दिल्ली आंदोलन पर चंडीगड़ में विशेष चर्चा करी। 

किसान संगठनों द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली चलो की घोषणा के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर तेज करने के प्रयास में पंजाब और हरियाणा के बुद्धिजीवियों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवम उत्तर भारत के 18 किसान संगठनों ने एक विशेष बैठक करी। चंडीगढ़ के किसान भवन में नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार लगातार कॉरपोरेट पक्ष की नीतियों के तहत देश के प्राकृतिक संसाधनों पर निजी व्यापारिक घरानों का कब्जा करवा रही है और 70% आबादी को रोजगार और आजीविका प्रदान करने वाले कृषि क्षेत्र के कॉर्पोरेट अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। बुद्धिजीवियों ने इन मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन को जरूरी बताया और सभी संगठनों की एकता पर जोर दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) व उत्तर भारत के 18 संगठनों ने व्यापक एकता के लिए अन्य संगठनों से तालमेल बनाने के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार से दिल्ली आंदोलन की मुख्य मांगें जैसे एमएसपी गारंटी कानून बनाकर सभी फसलों की खरीद की जाए और फसलों के दाम स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश के अनुसार दिए जाएं, किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ किया जाए, किसानों और  मजदूरों को 58 वर्ष की आयु के बाद 10 हज़ार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाए, भूमि अधिग्रहण अधिनियम को 2013 के रूप में बहाल किया जाए, भारत को विश्व व्यापार संगठन से बाहर निकाला जाए, लखीमपुर खीरी हत्याकांड के दोषियों पर कार्रवाई की जाए, बिजली संशोधन विधेयक 2020 को पूर्णतया खारिज किया जाए, फसल बीमा योजना को लागू कर प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा स्वयं किया जाए आदि पर 13 फरवरी से "दिल्ली कूच" आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसमें देशभर से लाखों किसान पहुंचेंगे।

इस मौके पर जगजीत सिंह डल्लेवाल, श्रवण सिंह पंधेर, सुरजीत सिंह फूल, इंदरजीत सिंह कोटबुड्ढा, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, अभिमन्यु कोहाड़, सुखजिंदर सिंह खोसा, राजविंदर सिंह राजू, तेजबीर सिंह, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, हमीर सिंह, रमनदीप सिंह मान, स्मिता कौर मंगत, दीवान सिंह दिल्ली, हरपाल सिंह संघा, अमरजीत सिंह राडा, हरसुखिंदर सिंह , गुरधिआन सिंह भटेड़ी, बिचित्र सिंह कोटला, चमकौर सिंह बेहरामके, सुरिंदर सिंह, गुरुमीत सिंह मांगट और बलदेव सिंह सिरसा मौजूद थे।