नीति आयोग में आरटीआई कार्यशाला: नवीन अग्रवाल ने थर्ड पार्टी सूचना प्रावधानों पर किया मार्गदर्शन
नागपुर। नीति आयोग, भारत सरकार के विकास अनुवीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यालय द्वारा नीति भवन, नई दिल्ली में आयोजित सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में देश के प्रख्यात आरटीआई विशेषज्ञ एवं दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय, नागपुर के कुलसचिव नवीन महेशकुमार अग्रवाल ने थर्ड पार्टी सूचना प्रावधानों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
नवीन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 11 के तहत थर्ड पार्टी से संबंधित सूचना प्रदान करने से पूर्व लोक सूचना अधिकारी (PIO) को अनिवार्य रूप से थर्ड पार्टी के अभ्यावेदन पर विचार करना आवश्यक होता है। यदि इस निर्णय के विरुद्ध अपील की जाती है, तो सूचना आयोग द्वारा भी संबंधित थर्ड पार्टी को सुनवाई का उचित अवसर देना आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि जैसे आवेदक को अपील का अधिकार प्राप्त है, वैसे ही थर्ड पार्टी को भी प्रथम और द्वितीय अपील में जाने का अधिकार है। जब तक अपील का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक थर्ड पार्टी से संबंधित सूचना आवेदक को नहीं दी जा सकती।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम निदेशक सुरेंद्र मेहरा (आईएफएस) ने नवीन अग्रवाल का अशोक स्तंभ की प्रतिकृति देकर सम्मान किया। सुरेंद्र मेहरा ने कहा कि जहां सूचना प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है, वहीं सूचना प्रदान करना अधिकारियों का कर्तव्य। समापन सत्र में महानिदेशक निधि छिब्बर (आईएएस) ने धारा 4(1)(बी) के तहत अधिकतम जानकारी स्वतः प्रकाशित करने और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन निदेशक संजीव कुमार (आईईएस) ने किया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. रचना तंवर (आईआरएस), निदेशक डॉ. देवी प्रसाद भुक्या, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, आर्थिक अधिकारी बिशुन कुमार चौरसिया सहित नीति आयोग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बड़ी संख्या में अधिकारियों ने सहभागिता कर आरटीआई अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी प्राप्त की।


