नोएडा फोर्टिस हॉस्पिटल के मरीज के दिल में धड़केगा चंडीगढ़ के ब्रेन डेड आर्मी ऑफिसर का दिल 

नोएडा फोर्टिस हॉस्पिटल के मरीज के दिल में धड़केगा चंडीगढ़ के ब्रेन डेड आर्मी ऑफिसर का दिल 

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। चंडीगढ़ के आर्मी ऑफिसर के घरवालों ने जो किया है उससे बरबस ही हरेक के दिल से निकला कि इंसानियत आज भी जिंदा है। 

दरअसल हुआ यूं कि नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती एक दिल का मरीज भर्ती था। जिसको जिंदगी के लिए डाॅक्टर्स ने हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई। अब एक जिंदा दिल कैसे और कहां से लाया जाए। इसी उहापोह ने फोर्टिस हॉस्पिटल प्रशासन तथा परिजनों को परेशान कर रखा था। चहुंओर से कोशिशें जारी रहीं। कहते हैं ना कि 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोय'! उधर चंडीगढ़ के आर्मी अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित किए गए आर्मी अफसर के परिजनों ने नम आंखों से ऑफिसर की अंतिम इच्छानुसार उनके अंगदान किए जाने का निर्णय लिया। वहीं जैसे ही यहां भर्ती मरीज के परिजनों और डॉक्टरों को जानकारी मिली। उन्होंने आर्मी ऑफिसर के परिजनों से संपर्क किया और चंडीगढ़ से ऑफिसर के हार्ट को निकालकर एयरलिफ्ट के जरिए हिंडन एयरपोर्ट लाया गया।

यहां डीसीपी ट्रैफिक गौतमबुद्ध नगर अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली। उन्होंने दिल का मामला देखते हुए हिंडन एयरपोर्ट से नोएडा तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैद कर दिया। जबकि गाजियाबाद पुलिस ने 9 मिनट 30 सेकंड में धड़कता दिल लेकर आ रही एंबुलेंस को मॉडल टाउन गोलचक्कर तक पहुंचाया। वहीं मॉडल टाउन से नोएडा पुलिस ने महज डेढ़ मिनट में हार्ट को फोर्टिस अस्पताल तक पहुंचा दिया। इस तरह 11 मिनट में ही चंडीगढ़ से आर्मी ऑफिसर के धड़कते दिल को फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। इधर दिल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

इस तरह पुलिस की मुस्तैदी और अंगदान के फैसले से मरीज को मिली नई जिंदगी।