निरोग समाज निर्माण में योग और आयुर्वेद की भूमिका महत्वपूर्ण
नई दिल्ली: पंजाबी बाग स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा आयोजित 30 में राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी,, आयुर्वेद के अनुसार बाल रोग में व्याधि और स्वास्थ्य प्रबंधन,, के उद्घाटन अवसर पर सीजीओ कांप्लेक्स स्थित स्कोप सभागार में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के।शासी निकाय के अध्यक्ष पद्म विभूषित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तथा आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव गणपति राव जाधव के दिशा निर्देशन में साथ ही आयु सचिव राजेश कुटेचा के अथक परिश्रम से आज आयुर्वेद निरंतर प्रगति तथा उन्नयन विकास की ओर अग्रसर है जिसमें विश्व के पटेल पर योग और आयुर्वेद की भूमिका निरोग समाज की निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पंजीयन चिकित्सा बोर्ड भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग भारत सरकार के पूर्व अध्यक्ष वैद्य राकेश शर्मा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आयुर्वेद की निदेशिका डॉ मंजूनाथ राजगोपाला, एवं जामनगर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ मुकुल पटेल ने बालकों के स्वास्थ्य संरक्षण के संदर्भ में कहा कि विश्व के विभिन्न देशों की तुलना में कुपोषण से बालकों को स्वस्थ रखने हेतु आयुष मंत्रालय भारत सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशिका वैद्या वंदना सिरोहा ने अपने स्वागत भाषण में कहा की राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ आयुष मंत्रालय भारत सरकार के स्वायत्त शासी संगठन के रूप में विगत 25 वर्षों से आयुर्वेद की शोध अनुसंधान तथा प्रचार प्रचार की दिशा में गुरु शिष्य परंपरा के माध्यम से देश के विभिन्न महानगरों में विभिन्न रोगों पर आयुर्वेद के विभिन्न शास्त्रों पर वैज्ञानिक संगोष्ठी आदि का आयोजन करती रहती है जिसमें प्रमुख रूप से नासिक,कटक,मैं आयोजित चरकायतन कार्यक्रम तथा हैदराबाद में आयोजित महिला रोगजन्य विषय पर वैज्ञानिक संगोष्ठी के साथ आयुर्वेद आहार पर सोनीपत हरियाणा में आयोजित की गई थी।
उल्लेखनीय हो कि इस बाल रोग स्वास्थ्य प्रबंधन संगोष्ठी में महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश केरल तमिलनाडु गुजरात हरियाणा मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली राज्य के सौ से अधिक आयुर्वेद के विद्वानों ने बाल रोग पर अपने शोध प्रबंध प्रस्तुत किये।
उक्त अवसर पर बी .बी प्रसाद, डॉ रमन सिंह डायरेक्टर पी.सी.आई.एम. डॉ महेश कुमार दाधीच, यस,मंच,,आचार्य, डॉ प्रभाकर राव, सुनील रामटेक निदेशक होम्योपैथि इंस्टीट्यूट गाजियाबाद, डॉ लक्ष्मण सिंह प्रोफेसर वाराणसी, वैद्य एन कृष्णैया तिरुपति, वैद्य संतोष, एन,नेवपूरकर, आयुर्वेद के प्रसिद्ध विद्वान एवं लेखक वैद्य ताराचंद शर्मा, वैद्य अश्विनी कुमार शर्मा, वैद्य अच्युत कुमार त्रिपाठी की विशेष उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
उक्त आशय की जानकारी राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के प्रशासनिक अधिकारी एन ,रामाकृष्णन एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।


