152वें मारुति महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, 20 सितंबर को होगा विशाल भंडारा

152वें मारुति महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, 20 सितंबर को होगा विशाल भंडारा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित ग्राम पतवारी के सुप्रसिद्ध नव दुर्गा मंदिर प्रांगण में आज 152वें मारुति महायज्ञ का धार्मिक एवं वैदिक रीति-रिवाज के साथ भव्य शुभारंभ हो गया। इस पावन अवसर पर समूचा क्षेत्र प्रभु श्री राम और भक्त शिरोमणि हनुमान जी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।

यह महायज्ञ काशी के प्रसिद्ध संत, यज्ञ सम्राट पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री जगदीश जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन एवं पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। स्वामी जगदीश जी महाराज, पूज्य ब्रह्मर्षि देवरहा बाबा के परम शिष्य हैं। उनके निर्देशन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ क्षेत्र के वातावरण को भक्तिमय बनाया जा रहा है।

महायज्ञ के प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती दीपिका मिश्रा के साथ मुख्य यजमानों एवं आचार्यों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के बीच अग्नि प्रज्ज्वलन किया। अग्नि देव के आह्वान के साथ ही यज्ञ कुंडों में आहुतियां देने का क्रम शुरू हुआ।

इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने भी महायज्ञ में आहुतियां देकर विश्व कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की।

महायज्ञ के संबंध में जानकारी देते हुए कार्यक्रम के मुख्य आयोजक महंत टीकम सिंह जी ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान 20 सितंबर तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक मुख्य पूजन, हवन एवं धार्मिक पाठ चलेगा। 20 सितंबर को महायज्ञ की पूर्णाहुति दी जाएगी, जिसके उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

ग्राम पतवारी स्थित नव दुर्गा मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगे फूलों, ध्वजाओं और आकर्षक विद्युत लड़ियों से सजाया गया है। महायज्ञ के पहले ही दिन स्थानीय निवासियों, आसपास की सोसायटियों तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं यज्ञ की परिक्रमा के लिए पहुंचे।

आयोजक महंत टीकम सिंह ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर यज्ञ की परिक्रमा करें, आहुति दें और प्रभु कृपा प्राप्त करें। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति के स्वयंसेवक पूरी तरह मुस्तैद हैं।